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Sunday, October 25, 2009

गांधी "बाबा" का बड्डे!


गांधी बाबा ने बनाया,
दलितों को "हरिजन"
कांग्रेस बना रही है,
उन्हें अपना "परिजन"
दलितों में पार्टी की हालत खराब है।
अब ना बचा कोई,

जगजीवन राम सा मुखौटा,
तभी राहुल बाबा ने,
उठा लिया लाठी-लौटा।
चल पड़ते है हॉलीडे पर मन-मर्जी
आप असल समझे या फ़र्जी
ये है आपकी मर्जी...

ये है आपकी मर्जी।
राहुल बाबा तो जाऐेगें ही
नाना जी की भारत एक खोज का,
पार्ट टू जो बनना है,
कांग्रेस का दलित प्रेम जो दिखाना है।
ये देख सोचने लगे सारे नंबर बनाऊ,

एक दिन का फ्री स्टे मैं भी कर आऊं?
"पर का करैंगे अछूतन के घर को खा कै
सौनों का है अछूतन के घर
रोटी खवा दो बौहत हैगो"।
2 अक्टूबर है बढ़़िया दिन
सारे "गांधीन" को खुश करबै को।
हरिजन से है राहुल बाबा को प्यार
आज उन्हें भी गोश्त खिला दो
गांधी जी का बड्डे बता दो।
चलो-चलो आज फिर,
दलित "हरिजन" हो गए,

बहन जी के बहुजन जो सर्वजन हो गए।
बहनजी के बड़्डे में,
बुलाया नहीं किसी नें
"गांधी बाबा" तो उन्हीं के है सदा से
कल वाले भी और आज वाले भी।
ये सोच चल पड़े नेता तन
संग ले चले अपनी पंखा-पलटन
का पता था कि,
जो माल ले कै जाएंगे
सारा चमचै ही चट कर जाएंगे,
दलित फिर हरिजन रह जाएंगे।

जो करेंगे हरि करेंगे

हरि भरोसे छोड़ दो इन्हें

हरि के जन रहे हरि भरोसे,

यही तो कहा था गांधी बाबा ने।